कंप्यूटर वायरस क्या है ? कैसे बचे ?

411 0

कंप्यूटर वायरस एक प्रोग्राम या प्रोग्रामिंग कोड होता है जो सॉफ़्टवेयर डेवलपर्स या प्रोग्रामर द्वारा क्रीएट किए जाते हैं । वाइरस को डेवलप करने के पीछे उद्देश्य अन्य कंप्यूटर्स या नेटवर्क को इनफेक्ट करना है। कंप्यूटर वायरस स्वयं को दोगुना कर सकते हैं और अलग-अलग कम्प्यूटर्स को इनफेक्ट कर सकते हैं । बिना किसी  जानकारी के सिस्टम से इन्फोर्मेशन हैक कर के , हार्ड डिस्क्स ड्राइव से आवश्यक सिस्टम फाइल को इनफेक्ट कर कंप्यूटर सिस्टम को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते हैं।

कंप्यूटर वायरस का सामान्य उदाहरण

 I love You, Y2K, Jerusalem, killbill, w3perite आदि |

कंप्यूटर वायरस के प्रकार

कंप्यूटर वायरस निम्न प्रकार है –

  • सिस्टम वायरस

सिस्टम वायरस कंप्यूटर MBR (Master Boot Record) एरिया मे रहते हैं , जो  सिस्टम के बूट क्षेत्र को संक्रमित करते हैं ।  वे मुख्य रूप से COMMAND.COM, IO.SYS और MSDOS.SYS को इनफेक्ट करने की कोशिश करते हैं । ये सिस्टम फाइल हैं जो एक ऑपरेटिंग सिस्टम की बूटिंग प्रोसेस करती हैं। वे मूलतः कंप्यूटर सिस्टम के इनपुट और आउटपुट फ़ंक्शन को संक्रमित करने का प्रयास करते हैं।

  • ट्रोजन वायरस

ट्रोजन हॉर्स एक ऐसा प्रोग्राम है जो कंप्यूटर सिस्टम को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया है। ये जब यह किसी प्रोग्राम या डोक्युमेंट के साथ इंटरैक्ट करता है तो उन्हें ट्रोजन वायरस में बदल जाता है। वे आमतौर पर एक कंप्यूटर प्रोग्राम के रूप में उपयोग किया जाता है और पर्सनल कंप्यूटर के मिसबिहेव के लिए जिम्मेदार है।

  • मैक्रो वायरस

ये छोटे प्रोग्राम हैं जो फ़ाइलों के अंदर बनता है। ये अन्य प्रकार के वायरस की तरह हानिकारक नहीं हैं। इस प्रकार के वायरस प्रोग्राम फ़ाइलों को इनफेक्ट नहीं करते है । जब आप वेब से कोई डोक्युमेंट को डाउनलोड करते हैं और यदि डोक्यूमेंट में वाइरस इन्फेक्शन है तो आपका सिस्टम संक्रमित हो जाता है।

  • वॉर्म

वॉर्म  एक छोटा सा कोड होता है जिसे कस्टमाइज़ किया जाता है, जो नेटवर्क में अन्य विभिन्न कंप्यूटरों के साथ इंटरैक्ट करते समय स्वयं को कॉपी करता है। वॉर्म अधिक बार जब नेटवर्किंग के माध्यम से एक-दूसरे से कनेक्ट होने पर कंप्यूटर को नुकसान नहीं पहुंचाता। इन प्रकार के वायरस जो फ़ाइलों या प्रोग्राम  से जुड़े होते हैं और सिस्टम फ़ाइलों को नुकसान पहुंचाते हैं या हेरफेर करते हैं जो आपके कंप्यूटर सिस्टम में उपलब्ध हैं ।

  • फ़ाइल वायरस

ये प्रोग्राम एक्जिक्यूटिव फ़ाइलों और रिकॉर्ड जैसे .EXE और .com को इनफेक्ट करते हैं वे कई बार फाइल का एक्सटेंशन बदलते हैं और उन्हें करप्ट कर देते हैं। कुछ वायरस इस प्रकार से डेवलप किए गए हैं कि एक विशेष समय में प्रोग्राम एक्टिव हो जाता है और कंप्यूटर के अंदर मौजूद सभी एडिटेबल फ़ाइलों को हटाने के लिए चलाया जाता है, जो कंप्यूटर को बुरी तरह से  नुकसान पहुँचाता है और इसलिए कभी-कभी कंप्यूटर रिप्लाय करना बंद कर देता है या हैंग हो  सकता है।

  • बूट सेक्टर वायरस

बूट सेक्टर या बूट रिकॉर्ड वायरस को पार्टिशन वाइरस भी कहा जाता है। कंप्यूटर हार्ड डिस्क के बूट सेक्टर ( जो कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम को बूट करने मे सहायक है ) मे ये लगातार एक्टिव रह सकते हैं जो कंप्यूटर की स्टार्टअप प्रोसेस  को नुकसान पहुंचाते हैं ।

कंप्यूटर से वायरस कैसे निकले और सावधानियां

कंप्यूटर वायरस बहुत ही पावरफुल हो गए हैं, ये अच्छे एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर को भी फेल कर सकते हैं । जब हम वीडियो, पिक्चर या ऑनलाइन कंटेन्ट डाउनलोड करने की कोशिश करते हैं, तो वायरस इन फाइलों से लिंक होते हैं, जो हमारे पर्सनल कंप्यूटर में प्रवेश करते हैं और कंप्यूटर सिस्टम को इन्फेकटेड करते हैं। अतः इंटरनेट या मेल से कुछ भी डाउनलोड करने से पहले आपको कुछ सावधानिया रखनी जरूरी हैं

  • डीवीडी, सीडी या पेन ड्राइव्स से डेटा कॉपी करते हैं तो एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर के द्वारा इन्हे स्कैन करके ही  उपयोग करें एवं ऐसा करने से पहले किसी अननोन सोर्स से डेटा को ओपन या कॉपी करने का कभी प्रयास ना करें ।  
  • एंटीवायरस को समय पर अपडेट करें एवं लीगल एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करे ।
  • अननोन वेबसाइट्स को ओपन करने या उससे कुछ भी डाउनलोड करने का प्रयास न करें ।
  • अश्लील वेबसाइटों पर कभी भी ब्राउज़  न करें ।
  • ऐसा कोई भी पायरेटेड सॉफ़्टवेयर डाउनलोड नहीं करना चाहिए जिसमें वाइरस हो ।

Begin typing your search above and press enter to search. Press ESC to cancel.

Back To Top