क्लाउड कंप्यूटिंग क्या हैं ?

432 0

हम कंप्यूटर या मोबाइल मे डेटा सेव करने के लिए किसी फाइल या फोल्डर का यूज करते हैं अक्सर जो ऑफलाइन होता हैं ।अब यदि हम  कभी भी फोन या कंप्यूटर चेंज करते हैं या वह खराब हो जाये तो वो डेटा हमें नहीं मिलता है ऐसे में क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस बहुत उपयोगी है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग  का यूज डेटा स्टोर करने के लिए किया जाता है। ये  इन्टरनेट आधारित कम्प्यूटिंग है, जो की शेयर्ड कप्यूटर प्रोसेसिंग रिसोर्स ओर डेटा को दूसरे कंप्यूटर और अन्य डिवाइसों  को ऑन डिमांड प्रोवाइड करती है। कही से भी इंटरनेट क्लाउड पर स्टोर किये गये डेटा को इन्टरनेट की मदद से कही से भी एक्सस  कर सकते है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग  एक बेहतर कंप्यूटर नेटवर्क है। यह टेक्नोलोजी दुनिया में तेजी से बढ़ती जा रही है।इस टेक्नोलोजी का ज्यादा यूज होने के कारण इसके फायदे और कुछ नुकसान भी है। तो जानते हैं इस टेक्नोलोजी के बारे मे विस्तार से –

क्लाउड कम्प्यूटिंग  के फायदे

  • इस टेक्नोलोजी की मदद से कहीं से भी कभी भी डेटा  को Use कर सकते है।
  • क्लाउड कंप्यूटिंग की सबसे मुख्य विशेषता ये है की फाइल्स को मोबाइल , कंप्यूटर या टेबलेट में अलग – अलग स्थानों पर एक साथ यूज कर सकते है।
  • इसे Use करना बहुत ही Easy है यह एक Computer / Windows Explorer की तरह ही दिखाई देता है।
  • अगर आपने अपने सारे Contact और Information को Cloud Storage पर Save किया है तो आपका Phone Format हो जाने पर भी यह Safe रहता है, आप अपना Email Login करेंगे तो आपका Data फिर से आ जाएगा।
  • आप अपनी Files को Online भी Edit कर सकते है।
  • इसमें किसी भी File Size की कोई Limit नहीं होती है, किसी भी Size की File को Online Share किया जा सकता है।
  • क्लाउड कम्प्यूटिंग  को Use करने के लिए आपको Additional Hardware नहीं लगाना पड़ता है।
  • बहुत सारे Providers इस Service को Free में भी Provide करवाते है जैसे – Google Drive जिसमे आपको 15gb तक की Storage Free में मिलती है।

दोस्तों क्लाउड कम्प्यूटिंग  इतनी बेहतरीन Technology है यह तो आपको पता चल गया और इसके फ़ायदों से भी आप अच्छे से वाक़िफ़ हो गए।

लेकिन क्या आपको पता है की क्लाउड कम्प्यूटिंग  के फ़ायदों के साथ ही क्लाउड कंप्यूटिंग के नुकसान भी होते है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग  के नुकसान

क्लाउड कम्प्यूटिंग  का यूज करना नुकसान दायक भी हो सकता हैं

  • इसमें कोई भी डेटा को ऐक्सस  कर सकता है।
  • डेटा हैक हो सकता हैं ।
  • क्लाउड डेटा मेनेज करना मुश्किल होता हैं ।
  • ये पूरी तरह से इन्टरनेट पर निर्भर है कनेक्टिविटी लॉस्ट होने पर काम वही रुक जाता है।

क्लाउड कंप्यूटिंग के उदाहरण

गूगल एप्प्स क्लाउड कम्प्यूटिंग  का उदाहरण है जो बिज़नस एप्लिकेशन ऑनलाइन उपलब्ध कराता है।

  • गूगल ड्राइव , ड्रॉप बॉक्स , फेसबुक , जीमेल भी इसके एक्जाम्पल  है। क्लाउड कम्प्यूटिंग  से अनलिमिटेड डेटा सेव कर सकते है। इसके साथ ही एक्सस और मेनेज भी कर सकते है।
  • गूगल डॉक्स  भी क्लाउड कम्प्यूटिंग  का उदाहरण है। यह यूजर्स को वर्ड डोक्यूमेंट्स , स्प्रेडशीट, प्रजंटेशन को डेटा सर्वर  पर अपलोड  करने की परमिशन देता है।
  • यूट्यूब भी एक क्लाउड कम्प्यूटिंग  का उदाहरण है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग कैसे यूज करे ? 

  • क्लाउड स्टोरेज यूज करने के लिए जीमेल आईडी की आवश्यकता होती हैं । अतः सबसे पहले जिमाइल अकाउंट बना ले।
  • जीमेल अकाउंट से लॉगिन करे।
  • लॉगिन करने के बाद ड्राइव एप्प को ओपन करे और + आइकॉन    पर क्लिक करे।
  •  अब Upload Option पर Click करना है।
  •  अब कोई भी वीडियो , फोटो या डोक्यूमेंट एड  करे और उसे ड्राइव  पर अपलोड कर सकते है। ड्राइव पर अपलोड किसी भी इन्फोर्मेशन को कहीं से भी जीमेल से लॉगिन करके डाउनलोड कर सकते है।

Begin typing your search above and press enter to search. Press ESC to cancel.

Back To Top