सफलता के 8 मंत्र

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बहुत से लोग हैं जो सिर्फ जीवन यापन कर रहे हैं ना कोई उमंग हैं ना उम्मीद बस जीवन कट रहा हैं जीवन से संतुष्ट नहीं हैं यदि जीवन मे संतुष्टि चाहते हैं तो और अगर अपने जीवन को पूरी तरह से बदलना चाहते हैं तो वर्तमान को स्वीकार करे । भूत और भविष्य की सोचने वाले कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते । जो बीत गया ही उसे रोते रहेंगे ओर भविष्य जो आया ही नहीं उसके बारे मे सोच के चिंतित रहेंगे अतः वर्तमान को स्वीकार करे , जागरूक बने साथ ही इन चीजों को जीवन मे शामिल करे –
1.  धैर्य –
जीवन मे सफलता प्राप्त करने के लिए सिर्फ लक्ष्य निर्धारित करना ही काफी नहीं हैं उन्हे पूरे करने के लिए धैर्य भी रखना जरूरी  हैं। धैर्य का मतलब लॉन्ग टर्म गोल आचीव करने के लिए इंतज़ार करना सीखे ।
2.  सेल्फ अवेरनेस –
जो भी आसपास हो रहा है उसे सिर्फ ध्यान से देखे, कोई रिएक्शन ना दे केवल खुद को समझे । सेल्फ आवेरनेस से नकारतमकता दूर होती हैं| पॉज़िटिव माइंड सेट होता हैं और इस तरह से हम किसी भी बदलाव के लिए हमेशा तैयार रहते हैं| चीजों को स्वीकार करना सीख जाते हैं ओर जल्दी लक्ष्य की प्राप्ति कर लेते हैं ।
3. जोश के साथ शुरू करे –
जो भी काम करने की प्लानिंग की हैं उसे जोश के साथ शुरू करे । एक्स्क्यूज को छोड़कर परिस्थितियों का डटकर मुक़ाबला करना होगा । बड़ी सफलता प्राप्त करने के लिए ज्यादा मेहनत की आवश्यकता होती हैं । काम यदि आदत बन जाये तो फिर उसमे कोशिश करने की जरूरत नहीं हैं ।क्या नही हैं को भूलकर क्या हैं उस पर फोकस करे ओर काम पूरे करे ।   
4.  मोटिवेशन कम ना होने दे-
बार बार असफल होने के कारण हम डिमोटिवेट हो जाते हैं । क्योंकि टार्गेट बडा हो सकता हैं और ये भी हो सकता है कि हम एक ही बार मे हम उसे पूरा ना कर पाये । इसलिए खुद को मोटिवेट रहने के लिए वर्किंग हैबिट बदलनी होगी | छोटे छोटे लक्ष्य निर्धारित करके उन्हे पूरा करें ताकि सफल होने कि खुशी कि अनुभूति हो ।
5.  लोगों के रिजेक्शन से ना डरे-
ज़्यादातर लोगो के मन में रिजेक्शन का डर होता हैं । अच्छा नॉलेज होते हुए भी वे अपनी काबिलियत पर भरोसा नहीं कर पाते है और डरते हैं कि कही उनको रेजेक्ट तो नहीं किया जा रहा हैं |  उन्हे इसको दूर करना चाहिए और ये सोचना होगा कि वे जैसे है वैसे ही बेस्ट है । स्वयं को ना बदले क्योकिं आज जो आपको इग्नोर कर रहे हैं कल वो ही आपको पसंद करेंगे ।
6.  कभी रुके नहीं –
थोड़ी सफलता के बाद ही हम रुक जाते हैं और उसी से हम संतुष्ट हो जाते हैं जो हमने प्राप्त कर लिया हैं | और आगे कुछ पाने कि इच्छा नहीं रहती हैं इसलिए हम मेहनत नहीं करते हैं । अतः हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए और कभी रुकना नहीं चाहिए ।
7.  स्वयं पर भरोसा रखे-
अगर हम ये सोच ले कि इस काम को पूरा करने मे तो समय की  कमी है या इसे पूरा करने के लिए तो बहुत सी चीजों की आवश्यकता हैं तो ये सारी बातें खुद पर भरोसा नहीं होने के कारण होती हैं | इन विपरीत परिस्थितियों के साथ भी कोई और व्यक्ति भी इसे पूरा कर सकता हैं। इसलिए स्वयं पर भरोसा रखे ।
8.  मेहनत ओर ईमानदारी –
लोग चाहते है कि कम मेहनत मे जल्दी सफल हो जाये । वे सफलता का शॉर्टकट ढूंढते है या गलत तरीके या बेईमानी से इसे हासिल करना चाहते हैं, लेकिन सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता हैं। हमेशा मेहनत ओर ईमानदारी से ही इसे हासिल किया जा सकता हैं ।

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