बुजुर्गों का ध्यान कैसे रखे ?

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वृद्धजन सब काम नियत समय पर करते हैं चाहे वो अखबार पढ़ना , टहलना, दोस्तो के साथ वक्त बिताना, या लाफ्टर थेरेपी | ये अपनी ही दुनिया मे खुश रहते हैं और तनाव मुक्त रहते हैं लेकिन लॉकडाउन जैसी स्थिति मे वे घर से बाहर नहीं जा सकते हैं, इस कारण शारीरिक और मानसिक रूप से एक्टिव भी नहीं रह पाते है और वृद्धावस्था से संबन्धित परेशानियाँ हो सकती हैं | ऐसे मे हमे उनकी दिनचर्या बदलकर घर मे भी उनका अच्छे से ख्याल रख सकते हैं ।

  1. हेल्थी फूड– उनको पौष्टिक आहार जिसमे फाइबर अधिक हो फल,सब्जियाँ और अंकुरित अनाज भोजन मे दे सकते हैं । कम फैट वाले आहार डाइट मे शामिल करे ।
  2. घर का माहौल पॉज़िटिव रखे और किसी भी प्रकार की अफवाहों का जिक्र उनके सामने ना करे । बच्चों को उनके साथ व्यस्त करें ताकि बच्चों ओर उनका भी मन लगा रहे ।
  3. रोजाना हल्की फुल्की एक्सरसाइज़ कराएं ताकि अकेलापन , चिंता आदि ना हो । उन्हे थोड़ी देर कमरे या हॉल मे ही टहलने के लिए प्रेरित करे ।
  4. उनके दोस्तो, रिलेटिव से वीडियो कॉल , कॉल के जरिये बातचीत कराए । साथ ही नई-नई टेक्नोलोजी से उन्हे परिचित कराएं ताकि वे स्वयं इसका प्रयोग कर सके । कभी आप व्यस्त भी हो तो वे स्वयं इसका प्रयोग कर सके । उन्हे आपके ऊपर निर्भर ना रखे ।
  5. कभी भी उनको अकेले ना छोड़े सभी सदस्य उनके साथ समय बिताए, उनके साथ भोजन ग्रहण करें , धर्मिक टीवी सीरियल  देखे ,फॅमिली वीडियो आदि उनके साथ देखे ताकि उन्हे अच्छी अनुभूति हो ।
  6. अगर वे कोई काम करना चाहे तो मना नहीं करे अगर ऐसा करते हैं तो उन्हे लगेगा की रोक टोक कर रहे हैं ।
  7. हमेशा बुजुर्गों का सम्मान करे ओर भूल से भी कभी कोई ऐसी  बात नहीं कहे जिनसे उन्हे ठेस पहुचे ।
  8. बुजुर्गों के एक्सपीरियंस को सुने हो सकता हैं हमे अपने प्रोफेशन मे कोई नया आयाम मिल जाये ।

मेडिसिन का ध्यान रखे

  1. रेगुलर जो मेडिसिन उन्हे दी जाती हैं वो घर पर ही रखे और  समय पर उन्हे देवे । कभी भी दवा ना देना उनके लिए हानिकारक हो सकता हैं ।
  2. एक्स्ट्रा मेडिसिन घर पर रखे ।
  3. डॉक्टर के कोंटेक्ट नम्बर हमेशा रखे ताकि इमरजेंसी मे उनसे कोंटेक्ट कर सके ।
  4. अगर शरीर के किन्ही अंगो मे दर्द हो तो फ़र्स्ट एड देना चाहिए ।
  5. यदि बुजुर्ग ज्यादा उम्र होने पर अपना काम स्वयं ना कर पाते हो तो उनके काम करने मे कभी भी हिचक महसूस ना करे ।
  6. कभी भी उन पर क्रोध ना करें, उनकी हर बात बड़े प्रेम से सुने और उसे स्वीकार भी बड़ी विनम्रता से करें । यदि आप सहमत ना हो तो शिष्टाचार और विनम्रता के साथ इंकार करे ।

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