अपने घर का बजट कैसे बनाएँ ?

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बजट आय व्यय को व्यवस्थित करने मे मदद करता हैं । यदि आमदानी सीमित हो तो बजट के अनुसार खर्च करने की बहुत आवश्यकता होती  हैं ।बजट डेली, मंथली या वार्षिक बना सकते हैं ।

सुनियोजित बजट बनाने का तरीका –:

1. बजट आसानी से समझने योग्य होना चाहिए |बजट ज्यादा काम्प्लीकेटेड नहीं होना चाहिए । सरल भाषा मे बनाया गया हो ताकि आसानी से उसका अनुसरण किया जा सके ।

2. बजट को प्रभावित करने वाले सभी कारकों जैसे –म्ंथली जरूरत , खर्चे आदि का पूर्ण ध्यान रखना चाहिए ।

3. अपने द्वारा बनाए गए बजट को पूरी तरह से फॉलो कर सके ।

बजट बनाने की प्रक्रिया :

ये प्रक्रिया तीन चरणों मे पूरी की जा सकती हैं

प्रथम चरण

1. बजट का नाम – सबसे पहले जो बजट बनाने जा रहे हैं उसका एक नाम निर्धारित करे जैसे – माय पर्सनल बजट , फॅमिली बजट , होम बजट आदि ।

2. बजट बनाने के उद्देश्य –

हर चीज का निर्माण करने के पीछे एक उद्देश्य होता हैं उसी प्रकार जो बजट बना रहे है उसका उद्देश्य निर्धारित करें जैसे – खर्चो पर कंट्रोल , पैसे की बचत , इमरजेंसी फंडिंग आदि ।

खर्चों पर कंट्रोल – इसका प्रयोग तब करते हैं जब हमारे खर्चे अनावश्यक रूप से हो या इंकम से भी ज्यादा खर्चे हो , उन्हे मेनेज करने के लिए बजट तैयार कर रहे हैं ।

पैसे की बचत – इसका प्रयोग तब करते हैं जब हमारे खर्चे एवं इन्कम का बलेंस बराबर हैं लेकिन हम बचत करना चाहते हैं तो खर्चों को थोड़ा ओर एडजेस्ट करने के लिए बजट बनाते हैं ।

इमरजेंसी फंडिंग- इसका प्रयोग तब करते हैं जब हमारे खर्चे एवं इन्कम का बलेंस बराबर हैं | इन्कम के सोर्स सीमित हैं तो खर्चों को थोड़ा और  एडजेस्ट करके इन्कम का अनुपात बढ़ाकर सेविंग बढ़ाने के लिए बजट बनाते हैं ।

3. जरूरत,इच्छा या व्यर्थ खर्च की आवश्यकता समझना

जरूरत –

ये वे खर्चे हैं जो रोज़मर्रा के है जो जरूरी हैं जैसे – स्कूल फीस,लाइट, फोन के बिल,राशन,गैस,पेट्रोल आदि इनकी अलग लिस्टिंग करें ।

इच्छा –

ये वे खर्चे है जो इच्छा के अनुसार किए जाते हैं जैसे सुख सुविधा के लिए किए गए खर्च इन्हे लिस्ट करके आसानी से कम कर सकते हैं ।

व्यर्थ के खर्च –

ये अनावश्यक खर्चे हैं जो शौक ओर मौज के लिए किए जाते हैं इन्हे फिजूल खर्च भी कहते हैं जैसे – महंगे होटल मे खाना,महंगी गाडियाँ , महंगे मोबाइल, महंगा घर आदि इन्हे बिलकुल रोक देना चाहिए ।

द्वितीय चरण

1. खर्चो की लिस्ट

इसमे सभी खर्चे जो होते है या होने है, की एक प्रोपर लिस्ट बनाए ।

2. खर्चो की केटेगरी तय करें

जो भी खर्चों की लिस्ट बनाई हैं उनकी केटेगरी बनाए जैसे शिक्षा संबन्धित खर्च , मेडिकल एक्सपेनसेज , राशन , पर्सनल खर्च आदि ।

3. इन्कम ओर एक्सपेनसेज एक साथ लिखे

जो भी इन्कम जो सभी सोर्स से प्राप्त होती हैं ओर जो जो भी खर्च है एक फ़ारमैट बनाकर लेफ्ट साइड मे इन्कम ओर राइट साइड मे खर्चो को लिखे फिर दोनों की टोटल करें इन्कम की टोटल ज्यादा आनी  चाहिए यदि ऐसा नहीं हो तो खर्चो मे एडजस्टमेंट करें ।

तृतीय चरण

इस चरण मे ज्यादा मेहनत की आवश्यकता नहीं है इसमे केवल बनाए गए बजट को दोहराना ( रेव्यू ) करना होता है । इस दौरान एरर फ़ाइंड करके उन्हे सुधारें ।

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