जलने पर भूलकर भी ये गलतियाँ ना करें !!

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जलने के इलाज और मेनेजमेंट को समझने से पहले आइये पहले ये समझते है कि आखिर ये बर्न कितने टाइप के होते है और हर एक को कैसे पहचान सकते है | basically जल जाने को या बर्न को हम चार टाइप मे divide कर सकते है, उनमे पहला है-

1st डिग्री बर्न- यह सबसे कॉमन टाइप का बर्न होता है जिससे हमारा सामना रूटीन लाइफ मे भी होता ही रहता है| इस बर्न मे हमारी स्किन कि सिर्फ ऊपरी परत जिसे हम epidermis कहते है, इसी का नुकसान होता है |

2nd डिग्री बर्न: यह थोड़ा ज्यादा वाला बर्न होता है जिसमें हमारी स्किन की निचली दूसरी परत dermis तक damage होता है जहां हमारी ब्लड सप्लाई, पसीने वाली ग्रंथियां और nerves endings होती है |

3rd डिग्री बर्न: इस बर्न में नुकसान dermis परत को क्रॉस कर के नीचे तक पहुँच जाता है जहां फैट टिशू पाये जाते है और इसके इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाकर सर्जरी करवाने की ज़रूरत पड़ती है |

4th डिग्री बर्न: यह सबसे खतरनाक टाइप का बर्न होता है जो सीधे सीधे हमारी मांस पेशियों और हड्डियों तक नुकसान पहुंचता है | ज़्यादातर मामलों मे ये बर्न इलैक्ट्रिकल उपकरणो से ही होता है |

अब यदि सारी सावधानियों के बावजूद यदि कोई जल जाता है तो क्या करें ? आइये discuss करते है कि वो क्या क्या steps है जिनको किसी के जल जाने पर हमे जल्दी से follow करना है और क्या क्या गलतियाँ है जो हमे इस वक़्त बिलकुल भी नहीं करनी है-

क्या करे जब आपको minor बर्न का सामना करना पड़े?
Minor बर्न से मतलब यहाँ 1st और 2nd डिग्री बर्न से है जो की 2 इंच से ज्यादा छोटे है और जिनको इन स्टेप्स  से manage किया जा सकता है –

·  बर्न के case मे सबसे पहला रूल कि किसी भी बर्न को आप कभी भी हल्के में ना ले क्योकि मोस्ट ऑफ केसेस में नुकसान जलने से नहीं बल्कि लापरवाही से होने वाले infection से होता है |
·  हमेशा नॉर्मल temperature वाले गिरते पानी मे अपने जले हुये भाग को 5 मिनट तक लगातार रखे ना कि बहुत ज्यादा ठंडे पानी में |
·  अब 5 मिनट बाद इस ठंडे किए गए पार्ट को किसी साफ और सूखे कपड़े से कवर करे |
·  अब पूरी तरीके ठंडा होने पर जले हुये पार्ट पर कोई भी moisturizing लोशन या एलोवेरा लगाए |
·  इसके ठीक बाद इस जले हुये पार्ट को प्रैशर और रगड़ से बचाने के लिए इसकी साफसुथरी और dry पट्टी से ड्रेसिंग करे |
·  अगर दर्द और सूजन ज्यादा है तो जलने वाले को ibubrufen या acetaminophen की टबलेट दे दे जो आपके पास घर पर हमेशा होनी चाहिए |
·  और याद रखे इसी के साथ टिटनस का टीका लगवाना ना भूले क्योकि चाहे बर्न छोटा है लेकिन फिर भी ये खतरनाक bacterial infection कर पहुँच सकता है |

क्या करे जब आपको Major बर्न का सामना करना पड़े?

याद रखे मेजर बर्न से यहा मतलब 3rd और 4th डिग्री टाइप के बर्न से है जिसमे हमे बिना समय गँवाए डॉक्टर की सहायता जरूरत पड़ेगी | यदि आपको कोई भी ऐसा बर्न देखते है जो आपकी हथेली से बड़ा है तो समझ जाइए की आपको अपनी तरफ से कुछ भी इलाज लिए बिना immediately हॉस्पिटल की तरफ जाना है | इसके लिए सबसे पहले आप –

  • जलने वाली जगह से मरीज को तुरंत दूर करे और यदि आग आपके खुद के कपड़ो मे लगी है तो आप इधर उधर भागने की बजाय स्टॉप – ड्रॉप- एंड रोल technique का use करके अपनी आग बुझा सकते है |
  • यदि किसी को इलैक्ट्रिक बर्न हुआ है तो जल्द बाज़ी में उसे directly छूने के बजाय किसी सुखी लकड़ी से उसे इलैक्ट्रिक तारो से दूर करने की कोशिश करे |
  • मरीज की सांस को चेक करे और अगर नहीं चल रही है तो जल्दी से CPR दे | CPR देने के  तरीके का विडियो इस विडियो के description में आपको मिल जाएगा, आप इसके बाद उस विडियो को भी जरूर देखे |
  • अब बिना समय गँवाए बॉडी को रगड़ और प्रैशर से बचाने के लिए किसी साफ सुथरे sterile मोटे कपड़े से कवर कर ले | यहाँ अगर बर्न का एरिया बड़ा है तो साफ बेड शीट का use भी किया जा सकता है |
  • अब मरीज के जले हुये पार्ट को उसके हार्ट के लेवेल से ऊपर उठाकर जल्दी से हॉस्पिटल ले जाये |

5 गलतियाँ जो आपको कभी नहीं करनी है वो है –

· किसी भी 3rd या 4th डिग्री बर्न वाले पर्सन को मुंह से खाने को कुछ ना दे और ना ही उसके सिर के नीचे तकिया लगाए अगर उसे सांस की नाली के आस पास जला है |

·  कभी भी जलने के बाद स्किन पर चिपके हुये कपड़ों को हटाने की या जलने के बाद फफोलो को या छिलके जैसी स्किन को हटाने की कोशिश ना करें इससे घाव ज्यादा बड़े हो कर directly बाहर के environment से expose हो जाएँगे जो इन्फ़ैकशन के chances को बढ़ा देंगे |

·  कुछ भी हो जाय जले हुये पार्ट पर butter, घी,ointments और स्प्रे का उसे बिलकुल भी ना करे क्योकि इनसे इन्फ़ैकशन के साथ साथ बर्न का ट्रीटमंट और मुश्किल मे पड़ जाएगा |

·  कभी भी ज्यादा जले हुये पार्ट को छूने या पोछने की कोशिश ना करें | इसके बजाय सिर्फ इस पार्ट को साफ कपड़े से कवर करे और जल्दी से अस्पताल ले जाये |

·  किसी भी सूरत में बर्न के लिए बर्फ या बहुत ठंडे पानी का use ना करें – experts के अनुसार ज्यादा बड़े बर्न कभी भी बर्फ या ice वॉटर से treat नहीं लिए जाने चाहिए क्योंकि ये स्किन को ज्यादा नुकसान पहुंचाते है | यदि जलने से बड़े घाव नज़र आ रहे है तो उस पर किसी भी सूरत में कोई भी पानी ना डाले क्योकि खुले घाव में डाला गया पानी सीधे सीधे इन्फ़ैकशन को बुलावा है | याद रखे पानी का उपयोग आपको सिर्फ 1st और 2nd डिग्री बर्न मे ही करना है जहां घाव खुले ना हो |

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