तन और मन को स्वस्थ कैसे रखें ?

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हर व्यक्ति स्वस्थ रहना चाहता हैं । लेकिन आज के व्यस्त जीवन , अनियमित खान पान , डिजिटल गजेट के प्रयोग , तनाव आदि का सीधा असर मनुष्य के स्वास्थ्य पर पड़ता हैं । इंसान के दिमाग एवं बॉडी तंदुरुस्त रहना बहुत जरूरी हैं । कुछ रूटीन एक्टिविटी को बदलकर दिमाग और बॉडी का ख्याल रख सकते हैं –

ऐसे रखे दिमाग का ख्याल

  1. रेगुलर एक्सरसाइज़ – नियमित दिमागी कसरत जैसे मेडिटेशन , ध्यान , योग करने से दिमाग स्वस्थ रहता हैं ।
  2. पोष्टिक भोजन – डिब्बाबंद भोजन , जंक फूड आदि के सेवन से बचना चाहिए और विटामिन , कैलोरी ,प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए ।
  3. दिमागी ताकत बढ़ाने के लिए संतुलित डाइट का प्रयोग करना चाहिए ।
  4. नशे से सोचने समझने की ताकत धीरे धीरे कम होने लग जाती हैं और ये मस्तिस्क को प्रभावित करता हैं | अतः हर प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए ।
  5. दिमाग को रिलेक्स करने के भरपूर एवं चैन नींद लेनी चाहिए ।
  6. दिमाग को रिलेक्स करने के लिए कॉफी का सेवन करना चाहिए ।
  7. हर पल का एंजॉय करते हुए खुश रहना चाहिए ।
  8. सप्लीमेंट का प्रयोग नहीं करना चाहिए ।
  9. दिमागी गेम जैसे सुडूकों, क्रोस वर्ड , पजल जैसी एक्टिविटी मे हिस्सा लेवे ।

ऐसे रखे बॉडी का ख्याल

* प्रतिदिन प्रातः सूर्योदय पूर्व (5 बजे) उठकर दो या तीन किमी घूमने जाएँ। 

 
* शरीर को हमेशा सीधा रखें यानी बैठें तो तनकर, चलें तो तनकर, खड़े रहें तो तनकर अर्थात शरीर हमेशा चुस्त रखें।

* भोजन से ही स्वास्थ्य बनाने का प्रयास करें। इसका सबसे सही तरीका है, भोजन हमेशा खूब चबा-चबाकर आनंदपूर्वक करें ताकि पाचनक्रिया ठीक रहे, इससे कोई भी समस्या उत्पन्न ही नहीं होगी।

* मोटापा आने का मुख्य कारण तैलीय व मीठे पदार्थ होते हैं। इससे चर्बी बढ़ती है, शरीर में आलस्य एवं सुस्ती आती है। इन पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

* गरिष्ठ-भारी भोजन या हजम न होने वाले भोजन का त्याग करें। यदि ऐसा करना भी पड़े तो एक समय उपवास कर उसका संतुलन बनाएँ।

* वाहन के प्रति मोह कम कर उसका प्रयोग कम करने की आदत डालें। जहाँ तक हो कम दूरी के लिए पैदल जाएँ। इससे मांसपेशियों का व्यायाम होगा, जिससे आप निरोगी रहकर आकर्षक बने रहेंगे, साथ ही पर्यावरण की रक्षा में भी सहायक होंगे।

* भोजन में अधिक से अधिक मात्रा में फल-सब्जियों का प्रयोग करें। उनसे आवश्यक तैलीय तत्व प्राप्त करें, शरीर के लिए आवश्यक तेल की पूर्ति प्राकृतिक रूप के पदार्थों से ही प्राप्त करें।

* दिमाग में सुस्ती नहीं आने दें, कार्य को तत्परता से करने की चाहत रखें।

* घर के कार्यों को स्वयं करें- यह कार्य अनेक व्यायाम का फल देते हैं।

* व्यस्तता एक वरदान है, यह दीर्घायु होने की मुफ्त दवा है, स्वयं को व्यस्त रखें।

* कपड़े अपने व्यक्तित्व के अनुरूप पहनें। थोड़े चुस्त कपड़े पहनें, इससे फुर्ती बनी रहेगी।

* जीवन चलने का नाम है, गतिशीलता ही जीवन है, यह सदा ही याद रखें।

* अपने जीवन में लक्ष्य, उद्देश्य और कार्य के प्रति समर्पण का भाव रखें।

* शरीर की सुंदरता उसकी सफाई में है। इसका विशेष ध्यान रखें।

* सुबह एवं रात में मंजन अवश्य करें। साथ ही सोने से पूर्व स्नान कर कपड़े बदलकर पहनें। आप ताजगी महसूस करेंगे।

* शरीर का प्रत्येक अंग-प्रत्यंग रोम छिद्रों के माध्यम से श्वसन करता है। इसीलिए शयन के समय कपड़े महीन, स्वच्छ एवं कम से कम पहनें। सूती वस्त्र अतिउत्तम होते हैं।

* बालों को हमेशा सँवार कर रखें। अपने बालों में तेल का नियमित उपयोग करें। बाल छोटे, साफ रखें, अनावश्यक बालों को साफ करते रहें।

* नियमित रूप से अपने आराध्य देव के दर्शन हेतु समय अवश्य निकालें। आप चाहे किसी भी धर्म के अनुयायी हों, अपनी धर्म पद्धति के अनुसार ईश्वर की प्रार्थना अवश्य करें।

* क्रोध के कारण शरीर, मन तथा विचारों की सुंदरता समाप्त हो जाती है। क्रोध के क्षणों में संयम रखकर अपनी शारीरिक ऊर्जा की हानि से बचें।

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