फूड पॉइजनिंग के कारण और घरेलू इलाज

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आज लोग बड़े चाव से स्ट्रीट फूड का प्रयोग करते है। गली-नुक्कड़ पर मिलने वाले चाट-पकौड़ी , कचोरी , समोसे, स्वादिष्ट तो होते हैं लेकिन बहुत ही हानिकारक भी होते हैं । स्वाद के चक्कर में लोग सेहत की अनदेखी कर देते हैं। ऐसे में फूड पॉइजनिंग हो जाती है। इससे जी-मिचलाना, उल्टी व दस्त की समस्या हो जाती है और ये घातक भी हो सकती हैं।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण

  1. जी-मिचलना
  2. उल्टी आना
  3. पेट में दर्द होना
  4. दस्त लगना
  5. बुखार आना
  6. सिर दर्द होना
  7. पेट में ऐंठन होना

फूड पोइजनिंग के कारण शरीर कमजोर हो जाता है। फूड पॉइजनिंग में निम्न का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए :

  • मसालेदार भोजन का सेवन न करें।
  • अधिक फाइबरयुक्त चीजें न खाएं।
  • डेयरी उत्पाद का सेवन न करें।
  • शराब और कैफीन से दूरी बनाएं।
  • इस दौरान तली हुई चीजें भी न खाएं।
  • ऐसी चीजों से दूर रहें, जिनमें वसा की मात्रा अधिक होती है।

फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय

  1. सेब का सिरका – ये एंटीबेक्टेरिया के गुण युक्त होता हैं । साथ ही इसमे मिनरल्स , एंजाइम आदि पाये जाते हैं जो फूड पोइजनिंग मे फायदा देती हैं ।
    1. नींबू – नींबू एण्टीओक्सीडेंट होता हैं । नींबू का सेवन करने से तुरंत इसमे आराम मिलता हैं ।
    1. लहसुन- अगर फूड पोइजनिंग हो जाये तो लहसुन का प्रयोग करे ।
    1. अदरक डाइजेस्टीव होने के साथ ही उल्टी दस्त आदि मे तुरंत फायदा करता हैं ।
    1. केला उल्टी दस्त मे फायदा देता हैं अतः केले का सेवन करें।
    1. आंवला विटामिन सी का स्त्रोत हैं इसके सेवन से इसमे फायदा मिलता हैं ।
    1. पानी का अधिक सेवन करे ताकि डिहाइड्रेशन ना हो पाये ।

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