एकाग्रता कैसे बढ़ाये ?

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किसी भी कार्य को करते समय उस पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित होना जरुरी है | कार्यस्थल एवं आसपास का माहौल हमारी एकाग्रता को सीधे प्रभावित करते है | अगर विपरीत माहौल हो तो कार्य पूरी तरह से सही नहीं हो पाता है और आशानुरूप परिणाम नहीं आते है | किसी भी क्षेत्र में चाहे वो पढाई हो,वर्क प्लेस,ऑफिस या अन्य जगह, अगर काम में मन नहीं लग रहा है तो ऐसे में एकाग्रता बढ़ाना जरुरी है ताकि काम में मन लगा रहे | एकाग्रता बढ़ाने के लिए निम्न तरीकों का उपयोग किया जा सकता है –

1. सही परिवेश
कार्यस्थल पर शांत एवं कार्यानुरूप माहौल होना चाहिए ताकि काम पर ध्यान केंद्रित कर पाएं एवं आशानुरूप परिणाम प्राप्त कर सके | इसके लिए आप अपने आस पास की उन सभी चीजों को हटा दें जो आपका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है- जैसे की मोबाइल,टीवी,गानों के आवाज़े इत्यादि |
2. विचारों को नियंत्रित करें
किसी भी कार्य को करते समय अन्य अनर्गल विचार मन में नहीं आने चाहिए दूसरे विचार मन में आते ही एकाग्रता भंग हो जाती है और काम में मन नहीं लगता | इसके लिए काम तब करें जब मन से आवाज़ आ रही हो |
3.कार्य की प्राथमिकता तय करें
हमेशा अपने कार्यों को सुनियोजित करके मुख्य कार्य को पहले प्राथमिकता देनी चाहिए |  
4.नकारात्मकता नहीं आने दे
यदि नेगेटिविटी आती है तो कार्य पूर्ण नहीं हो सकते अतः हमेशा कार्य स्थल पर पोसिटिव माहोल होना चाहिए
5. एक समय में एक ही कार्य का चुनाव
एक बार में एक ही काम पर ध्यान केंद्रित करके उसे पूरा करना चाहिए
6. शांत वातावरण
कार्य करते समय शांत माहौल का चुनाव करना चाहिए ताकि एकाग्र हो कर कार्य को पूरा किया जा सके |
7. व्यायाम,ध्यान और आराम
हमेशा एकाग्रता बढ़ाने के लिए नियमित ध्यान,व्यायाम करना चाहिए म्यूजिक,अध्यात्म और मेडिटेशन के द्वारा एकाग्रता बढ़ानी चाहिए |
8. कार्य को समझना
यदि ये अच्छी तरह से नहीं पता हो कि काम करना क्या है तब तक कंसन्ट्रेट नहीं कर सकते है, अतः काम क्या करना है और कैसे करना है ये जानना बहुत आवश्यक है |
9. काम टालने से बचें
किसी भी कार्य को समय पर पूरा करना चाहिए | आज का काम कल पर ना डाले| ऐसा करने से काम का बोझ बढ़ता जाता है जिससे काम समय पर नहीं हो पाता है और तनाव बढ़ा जाता है क्योंकि वह कल कभी नहीं आता और काम कभी पुरे नहीं हो पाते |
10. सही समय को पहचाने
कोई भी काम करने का सही समय पहचाने जिस समय आप उसे काम को करने में पूरी तरह से तयार हो | अपनी रूचि के अनुसार ही काम और समय निर्धारित करना चाहिए |
11. कार्य का विभाजन
अगर वर्क लोड ज्यादा हो तो उसे अपनी टीम के साथ शेयर करना चाहिए | कभी भी काम पूरा करने की सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर नहीं रखनी चाहिए नहीं तो काम समय से पूरे नहीं होंगे और मानसिक और शारीरिक तनाव उत्पन्न हो जायेगा |
12. आवश्यक संसाधनों को अरेंज करें
कार्य पूरा करने में प्रयोग होने वाले सभी जरूरी साधनों को पहले से ही अरेंज कर के रखना चाहिए ताकि बाद में कोई परेशानी ना हो |

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