एसिडिटी का अचूक उपाय !!

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एसिडिटी के इलाज की बात करने से पहले आइये ये समझते है कि आखिर ये एसिडिटि क्या है और क्यो होती है | अगर हम नॉर्मल कंडिशन की बात करे तो होता ये है कि जब भी हम कोई खाने की चीज़ खाते है तो वो हमारी खाने की नली जिसे हम esophagus कहते है,, उस से होता हुआ हमारे पेट यानि की stomach तक जाती है | जैसे ही ये खाना हमारे stomach मे जाता है तो हमारे पेट की दीवारों कि cells एक्टिव होकर उसी समय HCL यानि की हयड्रोक्लोरिक एसिड बनाना शुरू कर देती है | इस एसिड का काम होता है पेट मे आई खाने की चीज़ को पचने के लायक बनाना इसीलिए ये एसिड हमारे digestion के लिए बहुत ज़रूरी होता है | यहा खास बात ये है कि हमारे पेट तब भी एसिड बनाता है जबकि हमने बहुत कम खाया हो या बिलकुल भी ना खाया हो, for example: अगर हम सुबह सुबह उठते ही सिर्फ एक कप चाय पी लेते है तो रात भर से खाली stomach की दिवारे इस चाय के कारण एसिड बनना शुरू कर देती है | अब ज़रा imagine करिए कि रात भर के पूरे खाली stomach मे खाने कि चीज़ तो है नहीं और ऊपर से अंदर चारों तरफ से एसिड बन रहा है जो ultimately इस खाली पेट मे जमा होना शुरू कर देता है | ये जमा हुआ एसिड धीरे धीरे जलन पैदा करता है जिसे हम एसिडिटी कहते है |

अगर ये एसिड कुछ दिनो तक यू ही बनता रहे तो पेट मे धीरे धीरे घाव यानि कि ulcers बनने लगते है जिसे हम peptic ulcer के नाम से भी जानते है और हाँ  TV पे जो आप ये ad देखते है ना कि ENO पी लो और 2 मिनिट मे एसिडिटि  से छुटकारा पालो … ये और कुछ नहीं बस बेस कंटैंट है और पेट के एसिड content से मिल कर उसे neutralize कर देता है और हमे आराम महसूस होता है | मज़ेदार बात ये है दोस्तों कि जब भी हम  fasting पे होते है जैसे कि कोई व्रत या रोज़े के समय अगर हम ऐसी जगह से गुजर रहे है जहां आस पास लज़ीज़ खाने कि खुशबू आ रही है तब भी सिर्फ इस खुशबू से ही हमारे stomach कि cells एसिड बनाना शुरू कर देती है और हम जलन महसूस करते है |

इसके अलावा भी कुछ ऐसे factors है जो acidity को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते है –
·         मसालेदार, तेल वाला नॉन-vegetarian खाना ।
·         बहुत जायदा स्ट्रैस यानि कि तनाव मे रहना
·         बहुत ज्यादा शराब पीना या स्मोकिंग करना 
·         एक्सर्साइज़ कि कमी और मोटापा होना
·         चाय,कॉफी, कोल्ड ड्रिंक और जंक फूड खाना

एसिडिटी के लक्षण क्या हैं?
·         सीने में जलन होना
·         पेट में जलन और दर्द होना
·         उलटी होना
·         गले में जलन निगलने मे कठिनाई होना
·         डकार आना या मुह का स्वाद कड़वा हो जाना
·         लगातार हिचकी आना

एसिडिटी से बचाव कैसे करे ?
जैसा कि हम इस विडियो से समझ ही चुके है कि खाली पेट रहना और ऊपर पूरा खाना खाने कि बजाय थोड़े से काम चलाना ठीक नहीं है | मेरी आप से request है कि प्लीज आप खाली पेट छोटी मोटी चीज़ खाने कि बजाय पूरा खाना ही खाये और अगर कुछ अलग ही खाना है तो वो चीज़ ज्यादा quantity मे खाये ताकि आपको एसिड कि जलन ना हो |
– ज्यादा चटपटा, तेल और फैट वाला खाना ना खाएं।
– मसाले जैसे काली मिर्च और हरी मिर्च से दूर रहे
– ज्यादा चाय और कॉफी ना पियें।
– सिगरेट और शराब से दूरी
– कोल्ड ड्रिंक और हुयी मसालेदार चीजे
– बिना steroids वाली anti-inflammatory दवाइयाँ जैसे इबुफ्रेन लेना बंद करें |
– मन को शांत रखें और चिंता छोड़े।

एसिडिटी का इलाज क्या है?
एसिडिटी (Acidity) को Antacids का सेवन करके कम किया जा सकता है जिनमें मंगनेसियम या कैल्शियम, या एल्युमीनियम होते हैं। Antacids हमारे पेट में जा कर acid के साथ मिल कर उसे Neutralize कर देते हैं और रहत दिलातेहैं। कई बार डॉक्टर H2 receptor blockers दवाईयां जैसे Ranitidine, Omeprazole भी Prescribe करते हैं| अगर Acidity बहुत ज्यादा बढ़ जाये तो अंतिम इलाज Surgery है जो करवानी भी पड़ सकती है।

एसिडिटी मे क्या खाये ?
थोड़ा थोड़ा, बार बार और समय पर खाना खाएं।
रात को सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खाना खाये |
जितना हो सके बिना एसिड वाले फल जैसे कि केले, खरबूज, एपल, नाशपाती को खाये और साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियों को जैसे कि फूल गोभी, आलू, खीरा, ककड़ी आदि को खाना शुरू करें |
दिन मे कम से कम 3 लिटर पानी पीजिए |
मोटे आटे की रोटी, दूध, दही और छाछ लेना शुरू करे |
Exercise या योग जरूर करे |

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