शतरंज से सीखे सफलता के रहस्य

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शतरंज एक ऐसा खेल हैं जिसकी शुरुआत भारत मे हुई हैं । यह एक अनुशाषित रणनीति सिखाने वाल खेल हैं । इसमे स्वयं को मजबूत बनाए रखते हुए सही निर्णय लेने की कला सीख सकते हैं | ये जीवन के उतार चढ़ाव को व्यक्त करता हैं । इससे सफलता के गुर सीख सकते  हैं | आज की इस पोस्ट में हम चर्चा करने जा रहे है उन सफलता के सीक्रेटस की जो हमें शतरंज के खेल से सीखने चाहिए-

  1. हर कदम पर सतर्क रहने की जरूरत होती हैं | सावधानी से सामने वाले की चाल को समझना होता हैं । उसी प्रकार जीवन मे भी चाहे स्टूडेंट हो, बिजनेसमेन हो हर व्यक्ति को सतर्क ओर सावधान रहना चाहिए| थोड़ी सी चूक हुई और हम परास्त हो सकते  हैं।
  • सामने वाले को दुश्मन ना समझे क्योकि यह सिर्फ एक गेम हैं । सामने वाले की प्लानिंग को समझे और उससे भी सीखने की कोशिश करे क्योकि हो सकता है उसका तजुर्बा बहुत अच्छा हो | उसी प्रकार प्रोफेशन मे भी सामने वालो को विरोधी ना समझ कर उसके अनुभव ओर बिजनेस मे प्रयोग किए जाने वाले हर स्टेप को समझे ।
  • शतरंज मे कई अवसर आते हैं लेकिन हमे जल्दबाज़ी ना करते हुए सही अवसर को चुनना चाहिए ताकि ज्यादा फायदा हो सके ।उसी प्रकार यदि लाइफ मे एक साफ कई अवसर आपके सामने होते है तो कौन से अवसर का चुनाव करे तय करें ।
  • यदि एक प्यादा भी अगर अंत तक जीवित रहता हैं तो वह भी वजीर का रोल अदा कर सकता हैं इसलिए हमेशा पूरा समय ले और कम शक्तिशाली मोहरे के साथ ही क्यों ना हों, लंबा खेले । उसी प्रकार जीवन मे भी अंत तक प्रयास करना चाहिए जब तक आखरी उम्मीद खत्म ना हो जाये ।
  • मानसिक तौर पर हमेशा मजबूत रहे कभी भी सामने वाले के दबाव को हावी नहीं होने देना चाहिए ।
  • शतरंज मे हर मोहरे के लिए चाले ओर शर्ते पहले से ही होती हैं उनका विशेष ध्यान रखना होता हैं उसी प्रकार जीवन मे भी हर स्टेप की एक सीमा होती हैं जिसका पूरी तरह से पालन करना जरूरी होता हैं तभी सफल हो सकते हैं ।
  • जिस प्रकार शतरंज का पूरा गेम वजीर के होने पर टिका होता हैं और इसके खत्म होते ही हारने की संभावना बढ़ जाती हैं क्योंकि शतरंज मे वजीर रानी होती हैं | इसका गेम मे होना मात्र ही जीत की निश्चितता को दर्शाता हैं उसी प्रकार जीवन मे भी एक महिला का होना जरूरी है क्योंकि हर सफल पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ होता हैं ।
  • हमेशा सामने वाले से बचना ही काफी नहीं होता बल्कि हमे आक्रमण भी करना होता हैं । उसी प्रकार जीवन मे कार्य क्षेत्र मे कभी कभी हमे आक्रामक भी होना होता हैं लेकिन वो कब होना हैं ये स्वयं को तय करना जरूरी हैं ।
  • शतरंज मे जीत हासिल करने के लिए कई प्रकार की नीतियों , चालों ओर बार बार प्रयास किए जाते हैं कभी हार मानकर नहीं   बैठा जाता उसी प्रकार जीवन मे भी जब तक जीत हासिल ना हो जाए तब तक लगातार हर संभव प्रयास करना चाहिए ।

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