10 आदतें जो कार की उम्र कम कर रही है !!

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कार का कोई भी पार्ट खराब होने पर उसे आसानी से बदलवाया जा सकता है लेकिन इंजन एक ऐसा पार्ट है कि उसके खराब होने पर लाखों रुपए का नुकसान हो जाता है। आपको बता दें कि अक्सर अनजाने में कई ड्राईवर रोजाना ऐसी गलतियां करते हैं जो इंजन पर बुरा असर डालती हैं। उनकी इन आदतों की वजह से इंजन वक्त से पहले खराब हो जाता है। तो चलिए आपको बताते हैं ड्राइवर की ऐसी ही 10 आदतों के बारे में -

1. अक्सर लोग कार को ऊंचे आरपीएम और कम आरपीएम पर कार चलाते है जो कार के सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। अक्सर लोग ऐसा कार के माइलेज को बढ़ाने के लिए करते है। लेकिन यहां आपको जानना आवश्यक है कि ऊंचे गिअर में अगर कम गति पर कार चलाएंगे तो ट्रांसमिशन सिस्टम पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

2. नई कारों में टर्बोचार्जर होता है। "एसी' कारों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। पार्क करने के बाद "एसी' को तुरंत बंद नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे कूलिंग सिस्टम को टर्बोचार्जर का तापमान कम करने का वक्त नहीं मिल पाता और टर्बो सिस्टम में एक्जॉस्ट गैसेस फंस जाती हैं। कार रुकते ही उसे बंद करने की आदत है तो इसे बदल दीजिए और कम से कम 40 सेकंड इंतजार के बाद ही इंजन बंद कीजिए।

3. कार के टायरों का सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाना चाहिए और हमारे देश में इन्हें ही खूब नजरअंदाज किया जाता है। कम हवा के कारण टायरों का सड़क पर ज्यादा कॉन्टेक्ट होता है, इससे सीधा बुरा असर माइलेज पर पड़ता है। सड़क पर ज्यादा संपर्क होने से टायर जल्दी गर्म हो जाते हैं और फट भी सकते हैं। ऐसे में हफ्तों तक हवा चेक नहीं करवाने की आदत को तुरंत बदलने की जरूरत है।

4. कार रुकने के कम से कम 40 सेंकेड के पश्चात ही एसी को ऑफ करना चाहिए। कार को तेज गति में अचानक से कम गियर में शिफ्ट करने की आदत भी कार के लिए हानिकारण होती है। तेज कार का चौथे से सीधे दूसरे गियर में आना इंजन और ट्रांसमिशन सिस्टम पर बुरा असर डालता है।

5. अचानक कार को निचले गियर में हाई स्पीड में ड्राइव करते समय लोग शिफ्ट कर देते हैं यह एक गन्दी आदत है ड्राइव के दौरान अक्सर लोग अचानक से 4th गियर से डायरेक्ट 2nd गियर में कार को शिफ्ट करते हैं जिससे कार के गियरबॉक्स और इंजन दोनों भरी नुकसान उठाना पड़ता है. और इससे व्हील स्पिन की भी संभावना बढ़ जाती है. इसलिए गियर शिफ्ट तभी कम या ज्यादा करें जब इसलिए जरूरत हो, वैसे कोई भी कार हो गियर कब बदलना है यह इंजन आपको खुद ही बता देता है.

6. गाड़ी चलाते समय अक्सर लोग भूल जाते हैं कि इसके सस्पेंशन भी अहम् भूमिका निभाते हैं. लोग खराब रास्तों पर ड्राइव करते हैं. इतना ही नहीं कई बार स्पीड ब्रेकर और गड्ढों पर भी ध्यान नहीं देते. जिसकी वजह से सस्पेंशन्स खराब होने लगते और उनका ऑइल भी रिसने लगता है. इसलिए सही रोड पर कार को हमेशा ड्राइव करें.

7. अगर सड़क सीधी है तो भी कार के सस्पेंशन लगातार काम करते रहते हैं। खराब सड़कों पर सस्पेंशन्स पर ज्यादा जोर आता है। अगर आप खराब सड़कों पर सब्र रखते हैं तो सस्पेंशन सिस्टम को रिएक्ट करने का वक्त मिलता है और राइड भी स्मूड होती है। स्पीड ब्रेकर और गड्ढों पर भी यही बात लागू होती है। इसलिए खराब सड़कों पर कार को तेजी से चलाना अच्छी आदत नहीं है।

8. गर्मी में कार में सबसे ज्यादा AC का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन गर्मी शुरू होने से पहले इसकी सर्विस पर ध्यान नहीं देते और बिना सर्विस कराये ही AC का इस्तेमाल करने लगते हैं. वही कुछ लोग कार को बंद करने के बाद भी AC को को बंद नहीं करते और जब नेक्स्ट टाइम इंज स्टार्ट करते हैं तो डायरेक्ट AC भी स्टार्ट हो जाता है. इससे इंजन पर असर पड़ता है.

9. अक्सर आप गाडी चला रहे होते है तो आपका एक हाथ स्टीयरिंग व्हील पर होता है और दुसरा हाथ गीयर के उपर होता है या आप उसे होल्ड किये होते हैं। सामान्य तौर पर ये कुछ अलग नहीं लगता है। मगर ये आपके गियर्स के लिए काफी हानिकारक है। दरअसल लगातार हाथ रखे रहने से सिन्क्रोनाइजर्स एक्टीवेट रहते है जिससे गियर शिफ्ट के लिए जिम्मेदार पार्ट्स पर घर्षण बढता रहता जिससे आपके गियर फिसलने लगते है।

10 जब भी आप अपनी गाड़ी को रातभर खड़ा करके सुबह स्टार्ट करते हैं तो स्टार्ट करने के बाद तुरंत गाड़ी को भगाने की कोशिश न करें और न ही खड़ी गाड़ी में accelerator pedal को जोर से दबाएं। गाड़ी लंबे समय से खड़े होने के कारण उसका इंजन आयल इंजन के निचले हिस्से में जमा हो जाता है। अगर उस समय हम इंजन को ज्यादा रेस देते हैं तो पुर्जो का घिसाव ज्यादा हो जाता है जिससे गाड़ी की life कम हो जाती है। तो हमेशा सुबह गाड़ी स्टार्ट करने के बाद 5 से 10 सेकंड तक गाड़ी को स्टार्ट करके छोड़ दें और 100 से 200 मीटर तक गाड़ी तो बहुत कम रेस देकर चलाएँ।

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